हाई BP (हाई ब्लड प्रेशर)
हाई BP में खून नसों की दीवार पर ज़्यादा दबाव डालता है; अक्सर कोई लक्षण नहीं होते, पर चुपचाप हार्ट अटैक, लकवा और किडनी खराब होने का खतरा बढ़ता है।
इसे "साइलेंट" बीमारी क्यों कहते हैं?
दिल हर धड़कन के साथ खून को नसों में धकेलता है। उस खून का नसों की दीवार पर जो दबाव पड़ता है, वही BP है। इसे दो अंकों में लिखते हैं: ऊपर वाला अंक दिल के धड़कते समय का और नीचे वाला दिल के आराम करते समय का। अगर BP महीनों और सालों तक ज़्यादा रहे, तो दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है और नसें सख़्त होकर खराब होने लगती हैं। ज़्यादातर लोगों को कुछ महसूस नहीं होता, इसलिए BP नापे बिना पता ही नहीं चलता।
आपकी रीडिंग का मतलब
- नॉर्मल: 120/80 से कम
- थोड़ा बढ़ा हुआ: ऊपर 120 से 129 और नीचे 80 से कम
- स्टेज 1: ऊपर 130 से 139, या नीचे 80 से 89
- स्टेज 2: ऊपर 140 या ज़्यादा, या नीचे 90 या ज़्यादा
ये श्रेणियाँ अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी की 2025 गाइडलाइन के अनुसार हैं। इलाज ले रहे ज़्यादातर लोगों का लक्ष्य 130/80 से कम रखना होता है, जब तक डॉक्टर कोई अलग लक्ष्य न बताएँ।
BP किन वजहों से बढ़ता है?
खाने में ज़्यादा नमक (अचार, पापड़, नमकीन, पैकेट वाला और बाहर का खाना), बढ़ा हुआ वज़न, कसरत की कमी, शराब, तंबाकू, तनाव, नींद पूरी न होना, डायबिटीज़, किडनी की बीमारी और परिवार में BP होना। कभी-कभी किडनी, हार्मोन की गड़बड़ी या सोते समय सांस रुकने की समस्या भी वजह होती है। कम उम्र में BP आए तो डॉक्टर इसकी भी जाँच कर सकते हैं।
कौन सी जाँचें होती हैं?
क्लिनिक और घर पर बार-बार BP नापा जाता है। साथ में ECG, किडनी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के लिए खून और पेशाब की जाँच, और दिल की दीवार मोटी हुई है या नहीं यह देखने के लिए इको किया जाता है। घर की रीडिंग लिखने के लिए हमारा BP डायरी टूल इस्तेमाल करें और जाँच के समय साथ लाएँ।
BP कंट्रोल कैसे करें?
नमक कम करना, रोज़ टहलना, वज़न कंट्रोल रखना, तंबाकू छोड़ना और शराब से बचना, ये सब BP घटाने में मदद करते हैं। कई लोगों को एक या ज़्यादा दवाइयाँ भी लेनी पड़ती हैं, जो ठीक महसूस होने पर भी रोज़ लेनी होती हैं। डॉक्टर से पूछे बिना दवा बंद न करें, न बदलें। सालों तक बेकाबू BP हार्ट फेलियर, लकवा और किडनी की बीमारी की बड़ी वजह बनता है।
कब इमरजेंसी है?
180/120 या उससे ज़्यादा की रीडिंग गंभीर है। कुछ मिनट शांत बैठकर दोबारा नापें; फिर भी उतना ही हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ। साथ में सीने में दर्द, सांस फूलना, कमज़ोरी, नज़र या बोलने में दिक्कत हो तो बिल्कुल देर न करें। इमरजेंसी पेज देखें।
सही निदान और इलाज डॉक्टर की जाँच के बाद ही तय होता है। यह जानकारी BP को समझने के लिए है।
यह जानकारी सिर्फ़ समझने के लिए है — कौन-सी जाँच या इलाज चाहिए, यह जाँच के बाद ही तय होता है।
