डॉ. अमोल एच. पाटिल

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट

MBBS, MD, DM (Cardiology) · रजि. नं. 2013/06/2247

डॉ. अमोल एच. पाटिलइंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट

दिल में छेद

PDA डिवाइस क्लोज़र

जन्म के बाद जल्दी बंद हो जानी चाहिए थी लेकिन खुली रह गई, दिल के पास की ऐसी नली को कैथेटर से छोटा डिवाइस लगाकर बंद करने की प्रोसीजर।

डॉ. अमोल एच. पाटिल · MBBS, MD, DM (Cardiology)·अपडेट 21 अक्टूबर 2026

PDA क्या है?

गर्भ में बच्चा फेफड़ों का इस्तेमाल नहीं करता। इसलिए दिल के पास एक छोटी नली होती है, जिसे डक्टस कहते हैं। यह दिल से निकलने वाली बड़ी नस, यानी एओर्टा, और फेफड़ों की ओर जाने वाली नस को जोड़ती है। जन्म के कुछ ही दिनों में यह नली अपने आप बंद हो जाती है। अगर यह खुली रह जाए तो इसे PDA कहते हैं। यह जन्मजात दिल की बीमारी का एक प्रकार है। इससे फेफड़ों में ज़्यादा खून जाता है और दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। समय से पहले जन्मे बच्चों में यह ज़्यादा देखा जाता है।

किन लक्षणों पर ध्यान दें

  • छोटा PDA हो तो अक्सर कोई तकलीफ नहीं होती, बस डॉक्टर को मर्मर सुनाई देता है।
  • बड़ा PDA हो तो बच्चा तेज़-तेज़ सांस लेता है, दूध पीते समय पसीना आता है या जल्दी थकता है, वज़न नहीं बढ़ता, बार-बार छाती का इन्फेक्शन होता है।
  • बड़े बच्चों और वयस्कों में काम करते समय सांस फूल सकती है या हार्ट फेल्योर के लक्षण दिख सकते हैं।

पक्का पता करने के लिए इको किया जाता है, बच्चों के लिए पीडियाट्रिक इको।

क्या हर PDA बंद करना पड़ता है?

हमेशा नहीं। बहुत छोटा PDA, जिसका दिल पर असर नहीं है, उस पर सिर्फ नज़र रखी जा सकती है। दिल पर ज़ोर पड़ रहा हो या दूसरी परेशानी हो, तब बंद करने की सलाह दी जाती है। समय से पहले जन्मे नवजात बच्चों का इलाज अलग होता है, अक्सर पहले नवजात शिशु विशेषज्ञों की टीम देखती है। थोड़े बड़े बच्चे, बच्चे और वयस्क, जिनकी नली की बनावट सही है, उनमें कैथेटर से PDA बंद किया जा सकता है।

कैसे बंद किया जाता है

  1. बच्चों को ज़्यादातर पूरा एनेस्थीसिया दिया जाता है। वयस्कों में लोकल एनेस्थीसिया और हल्की नींद की दवा काफी हो सकती है।
  2. जांघ की नस से कैथेटर उस नली तक ले जाया जाता है।
  3. एक्स-रे और इको देखते हुए, डाट जैसा छोटा डिवाइस या कॉइल नली में लगाकर उसे बंद किया जाता है।
  4. डिवाइस सही बैठा है, यह पक्का करके छोड़ा जाता है और कैथेटर निकाला जाता है।

पहले और बाद में

पुरानी सारी रिपोर्ट, दवाएं और एलर्जी के बारे में बताएं। ज़्यादातर लोग कुछ दिन में घर चले जाते हैं। बाद में इको के लिए फॉलो-अप ज़रूरी है। इसी तरह कैथेटर से ASD डिवाइस क्लोज़र भी किया जाता है।

तुरंत कब संपर्क करें

बुखार, सांस फूलना, बच्चे का ठीक से दूध न पीना, जांघ में खून या सूजन, या उस तरफ का पैर पीला या ठंडा लगे तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।

PDA बंद करना है या नहीं और कैसे, यह जांच और इको रिपोर्ट देखकर ही तय होता है। यह जानकारी सिर्फ समझने के लिए है, डॉक्टर से मिलने की जगह नहीं ले सकती।

यह जानकारी सिर्फ़ समझने के लिए है — कौन-सी जाँच या इलाज चाहिए, यह जाँच के बाद ही तय होता है।